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बाल विवाह

बाल विवाह : एक कुरीति बाल विवाह के बारे में संक्षिप्त विवरण आपको पहले ही दे दिया गया है। अब बात करते हैं कि बाल विवाह कुरीति कैसे हुई। जब सरकार के द्वारा निर्धारित उम्र से कम आयु में शादी की जाती है तो बाल विवाह कहलाती है।बाल विवाह एक अभिशाप है मनुष्य पर क्यूंकि छोटी उम्र के बच्चे जो अबोध हैं, जिन्हें अपने जीवन के भविष्य के बारे में कुछ भी पता नहीं है और ऊपर से इतनी बड़ी जिम्मेदारी बच्चों पर सौंपना बच्चों के साथ अन्याय ही है।छोटी उम्र में ही बच्चों को घर की देखरेख करनी पड़ती है। जिन बच्चों की खेलने कूदने पढ़ने लिखने की उम्र हो उनपर ये बोझ थोपना महापाप है। आज भी कई कबीले और जातियां हैं जो अबोध बच्चों का इस कुरीति के तहत जीवन बर्बाद कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि इनपर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। आप भी इसे शेयर करें और बच्चों का जीवन बर्बाद करने से रोकें।

बाल विवाह क्या है? संक्षिप्त विवरण

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नमस्कार! जैसा कि आप जानते ही हैं कि बाल विवाह का मतलब है बच्चों का विवाह अर्थात शादी। कानूनन सरकार के द्वारा निर्धारित उम्र से कम आयु में शादी बाल विवाह कहलाती है। भारत सरकार ने विवाह की निम्नतम आयु 21 वर्ष लड़का एवम् 18 वर्ष लड़की की है। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत  निम्नतम आयु से कम आयु में किया गया विवाह गैर कानूनी है।  अन्य जानकारी के लिए पढ़ें हमारा ब्लॉग - बाल विवाह:सम्पूर्ण जानकारी।